Skip to main content

Posts

Showing posts from February, 2024

पुण्य

  जिस जीवन को जीवन थकाए ना  भाग्य को भाग्य हसाये ना  जब यमुना भी गंगा सी निर्मल लगे तुम्हें  उस जीवन में हम पुण्य करने आएंगे उस जीवन में हम ज्योत बनकर आएंगे  रेवती के तारा की तरह  उस जीवन में भी तुम ऐसे ही रहना  आकाशगंगा की धारा की तरह मिट्टी के घर में घूप के पेड़ लेकर आना  हम राह देखेंगे उस जीवन में हमारा भाग्य बनकर आना  हम राह देखेंगे जिस जीवन में हम बलवान हों भाग्यशाली, रुचिर विद्वान हों  जब विवशता तुम्हें आचरण न लगे  उस जीवन में हम पुण्य करने आएंगे जिस जीवन को जीवन थकाए ना  भाग्य को भाग्य हसाये ना  जब यमुना भी गंगा सी निर्मल लगे तुम्हें  उस जीवन में हम पुण्य करने आएंगे Arp 3 Feb 24 Bombay